संक्षिप्त सार
स्वतंत्रता के बाद, लगभग 1950 के दशक से हिंदी में जो कविता लिखी गई, उसे नई कविता कहा जाता है। यह प्रयोगवाद का विकसित रूप है। नई कविता ने साधारण मनुष्य (लघु मानव) के अनुभव, उसके संघर्ष, अकेलेपन, मोहभंग और यथार्थ को बोलचाल की भाषा, नए बिंबों और मुक्त छंद में व्यक्त किया।
मुख्य बिंदु
- दूसरा सप्तक (1951) से नई कविता का स्पष्ट आरंभ माना जाता है।
- इलाहाबाद से निकली पत्रिका 'नई कविता' (1954) ने इस धारा को नाम और मंच दिया; इसके संपादक जगदीश गुप्त और रामस्वरूप चतुर्वेदी थे।
- अज्ञेय की पत्रिका 'प्रतीक' ने भी नए कवियों को आगे बढ़ाया।
- प्रमुख कवि: अज्ञेय, गजानन माधव मुक्तिबोध, शमशेर बहादुर सिंह, धर्मवीर भारती, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना, कुँवर नारायण, रघुवीर सहाय, केदारनाथ सिंह, श्रीकांत वर्मा, भवानी प्रसाद मिश्र।
- मुक्तिबोध की लंबी कविता 'अँधेरे में' और संग्रह 'चाँद का मुँह टेढ़ा है' नई कविता की बड़ी उपलब्धियाँ हैं।
- धर्मवीर भारती की 'कनुप्रिया' और काव्य-नाटक 'अंधा युग' प्रसिद्ध हैं।
- लघु मानव की अवधारणा: आम आदमी का छोटा-सा जीवन भी कविता का विषय है।
- अनुभूति की प्रामाणिकता: कवि वही लिखे जो उसने सच में भोगा और महसूस किया।
- क्षणवाद: जीवन के हर क्षण का महत्व।
- स्वतंत्रता के बाद के मोहभंग, शहरी जीवन का अकेलापन, संत्रास और अस्तित्व का प्रश्न।
- भाषा बोलचाल की, छंद मुक्त, शिल्प में नए बिंब और प्रतीक।
महत्वपूर्ण शब्द
- नई कविता – 1950 के बाद की यथार्थवादी, बिंबप्रधान कविता।
- लघु मानव – साधारण, आम आदमी।
- अनुभूति की प्रामाणिकता – भोगे हुए सच की अभिव्यक्ति।
- मोहभंग – स्वतंत्रता से जुड़ी आशाओं का टूटना।
- बिंब – शब्दों से बना मानसिक चित्र।
- अस्तित्ववाद – मनुष्य के अस्तित्व, स्वतंत्रता और चुनाव पर केंद्रित दर्शन।
- काव्य-नाटक – कविता में लिखा नाटक (अंधा युग)।
महत्वपूर्ण तिथियाँ और व्यक्ति
- 1951 – दूसरा सप्तक; 1954 – 'नई कविता' पत्रिका।
- अज्ञेय – आँगन के पार द्वार, कितनी नावों में कितनी बार।
- मुक्तिबोध – चाँद का मुँह टेढ़ा है, अँधेरे में।
- धर्मवीर भारती – कनुप्रिया, अंधा युग।
- सर्वेश्वर दयाल सक्सेना – तीसरा सप्तक के कवि; 'कुआनो नदी'।
- रघुवीर सहाय – 'आत्महत्या के विरुद्ध', 'हँसो हँसो जल्दी हँसो'।
- कुँवर नारायण – 'आत्मजयी'।
- भवानी प्रसाद मिश्र – 'गीत फ़रोश'।
५ महत्वपूर्ण प्रश्न
Q1. 'लघु मानव' से क्या तात्पर्य है?
नई कविता में साधारण, आम आदमी को 'लघु मानव' कहा गया। उसका संघर्ष, सुख-दुख और छोटे-छोटे अनुभव भी कविता के योग्य विषय माने गए। यह महानायकों की जगह आम मनुष्य की प्रतिष्ठा है।
Q2. 'अंधा युग' के रचनाकार कौन हैं और यह किस विधा की रचना है?
'अंधा युग' धर्मवीर भारती की रचना है। यह महाभारत युद्ध के बाद की कथा पर आधारित एक काव्य-नाटक है, जिसमें युद्ध की निरर्थकता और नैतिक संकट दिखाया गया है।
Q3. नई कविता की प्रमुख प्रवृत्तियाँ लिखिए।
- लघु मानव की प्रतिष्ठा।
- अनुभूति की प्रामाणिकता और यथार्थ।
- क्षणवाद।
- मोहभंग, अकेलापन, संत्रास।
- व्यंग्य और विद्रोह।
- बोलचाल की भाषा, मुक्त छंद।
- नए बिंब, प्रतीक और उपमान।
Q4. मुक्तिबोध के काव्य की विशेषताएँ बताइए।
- लंबी कविताएँ और फैंटेसी शिल्प।
- आत्मसंघर्ष और मध्यवर्गीय मन की बेचैनी।
- सामाजिक प्रतिबद्धता और व्यवस्था की आलोचना।
- 'अँधेरे में' – आज़ादी के बाद के भय और दमन का चित्र।
- जटिल बिंब और गहरी बौद्धिकता।
- 'चाँद का मुँह टेढ़ा है' – प्रमुख संग्रह।
Q5. प्रयोगवाद और नई कविता में संबंध स्पष्ट कीजिए।
- नई कविता प्रयोगवाद का विकसित रूप।
- प्रयोगवाद में प्रयोग पर ज़ोर, नई कविता में अनुभूति और यथार्थ पर।
- प्रयोगवाद में अहं अधिक, नई कविता में सामाजिकता भी।
- दोनों में मुक्त छंद, नए उपमान।
- कई कवि दोनों में (अज्ञेय, मुक्तिबोध)।
परीक्षा टिप
नई कविता पर उत्तर में 'लघु मानव', 'अनुभूति की प्रामाणिकता' और 'क्षणवाद' — ये तीन पारिभाषिक शब्द ज़रूर प्रयोग करें।