संक्षेप में
- उपसर्ग: जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसका अर्थ बदल देते हैं या उसमें विशेषता लाते हैं। जैसे — अ + ज्ञान = अज्ञान, प्र + गति = प्रगति।
- प्रत्यय: जो शब्दांश किसी शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं। जैसे — मीठा + आस = मिठास, समाज + इक = सामाजिक।
Marathi help: मराठीतही उपसर्ग (आधी) आणि प्रत्यय (शेवटी) — अपमान, सामाजिक हे शब्द दोन्ही भाषांत सारखे आहेत. English help: Upsarg = prefix, Pratyay = suffix.
प्रमुख उपसर्ग
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| अ / अन | नहीं, अभाव | अमर, अज्ञान, अनपढ़, अनजान |
| अति | अधिक | अत्यधिक, अतिरिक्त, अत्याचार |
| अधि | ऊपर, श्रेष्ठ | अधिकार, अधिपति, अधिनियम |
| अनु | पीछे, समान | अनुशासन, अनुकरण, अनुज |
| अप | बुरा, विपरीत | अपमान, अपयश, अपशब्द |
| अभि | सामने, ओर | अभिमान, अभिनय, अभियान |
| उप | निकट, छोटा | उपकार, उपवन, उपनगर |
| दुर् / दुस् | बुरा, कठिन | दुर्जन, दुर्गम, दुस्साहस |
| निर् / निस् | बिना | निर्धन, निर्भय, निर्दोष |
| परा | उलटा, पीछे | पराजय, पराक्रम |
| प्र | आगे, अधिक | प्रगति, प्रचार, प्रदान |
| प्रति | हर एक, विरुद्ध | प्रतिदिन, प्रतिकूल, प्रतिध्वनि |
| वि | विशेष, अलग | विज्ञान, विदेश, विनाश |
| सम् | अच्छी तरह, साथ | संतोष, संगम, संस्कार |
| सु | अच्छा | सुपुत्र, सुगंध, सुयश |
| कु | बुरा | कुपुत्र, कुकर्म, कुरूप |
| बे / ना / गैर | बिना, नहीं | बेईमान, बेचैन, नापसंद, गैरहाज़िर |
| ला | बिना | लापरवाह, लाजवाब |
| स | सहित | सपरिवार, सफल, सजीव |
प्रत्यय के दो मुख्य भेद
कृत् प्रत्यय (क्रिया/धातु के बाद) — बने शब्द 'कृदंत'
- आई: पढ़ना → पढ़ाई, लड़ना → लड़ाई
- आवट: सजाना → सजावट, थकना → थकावट, लिखना → लिखावट
- आहट: घबराना → घबराहट, चिल्लाना → चिल्लाहट
- अक: गाना → गायक (गै + अक), पढ़ना → पाठक (पठ् + अक)
- वाला: पढ़ना → पढ़नेवाला
तद्धित प्रत्यय (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण के बाद)
- ता: सुंदर → सुंदरता, मानव → मानवता
- पन: बच्चा → बचपन, अपना → अपनापन
- इक: समाज → सामाजिक, धर्म → धार्मिक, दिन → दैनिक
- ईय: भारत → भारतीय, राष्ट्र → राष्ट्रीय
- वान / मान: धन → धनवान, बुद्धि → बुद्धिमान
- आलु: दया → दयालु, कृपा → कृपालु
- ईला: रंग → रंगीला, ज़हर → ज़हरीला
- कार: कला → कलाकार, चित्र → चित्रकार
- आस: मीठा → मिठास
- आपा: बूढ़ा → बुढ़ापा
उपसर्ग और प्रत्यय दोनों
कुछ शब्दों में दोनों होते हैं: अ + सफल + ता = असफलता, सु + गंध + इत = सुगंधित, प्र + गति + शील = प्रगतिशील।
अभ्यास प्रश्न (उत्तर सहित)
Q1. 'अपमान' में उपसर्ग और मूल शब्द अलग कीजिए।
उत्तर: अप (उपसर्ग) + मान (मूल शब्द)।
Q2. 'सामाजिक' में मूल शब्द और प्रत्यय अलग कीजिए।
उत्तर: समाज + इक।
Q3. 'निर्' उपसर्ग लगाकर दो शब्द बनाइए।
उत्तर: निर्धन, निर्भय (या निर्दोष)।
Q4. 'मिठास' और 'बुढ़ापा' के मूल शब्द लिखिए।
उत्तर: मीठा, बूढ़ा।
Q5. 'असफलता' में उपसर्ग, मूल शब्द और प्रत्यय अलग कीजिए।
उत्तर: अ (उपसर्ग) + सफल (मूल शब्द) + ता (प्रत्यय)।
परीक्षा टिप
शब्द का पहला हिस्सा हटाने पर सार्थक शब्द बचे तो वह उपसर्ग था; अंतिम हिस्सा हटाने पर सार्थक शब्द बचे तो वह प्रत्यय था।