संक्षेप में
जिन शब्दों का रूप लिंग, वचन, कारक या काल बदलने पर भी नहीं बदलता, उन्हें अव्यय या अविकारी शब्द कहते हैं। जैसे — आज, यहाँ, और, लेकिन, वाह!
- संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया विकारी शब्द हैं (रूप बदलता है)।
- अव्यय के चार मुख्य भेद हैं: क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक।
1. क्रियाविशेषण
जो शब्द क्रिया की विशेषता बताए।
| भेद | प्रश्न | उदाहरण |
|---|---|---|
| कालवाचक | कब? | आज, कल, अभी, प्रतिदिन, सदा — "वह रोज़ आता है।" |
| स्थानवाचक | कहाँ? | यहाँ, वहाँ, ऊपर, नीचे, अंदर — "बच्चे बाहर खेल रहे हैं।" |
| रीतिवाचक | कैसे? | धीरे-धीरे, जल्दी, अचानक, ध्यान से — "कछुआ धीरे-धीरे चला।" |
| परिमाणवाचक | कितना? | बहुत, थोड़ा, अधिक, काफ़ी — "वह बहुत बोलता है।" |
2. संबंधबोधक
जो शब्द संज्ञा/सर्वनाम के बाद आकर उसका संबंध वाक्य के दूसरे शब्द से जोड़े — के पास, के बाद, के ऊपर, के कारण, की ओर, के बिना, के साथ, के सामने।
- "स्कूल के पास बगीचा है।" "बारिश के कारण मैच रुका।"
3. समुच्चयबोधक (योजक)
जो दो शब्दों या वाक्यों को जोड़े — और, तथा, एवं, या, अथवा, लेकिन, परंतु, किंतु, इसलिए, क्योंकि, कि, यदि…तो।
- "मैंने बहुत पढ़ाई की, इसलिए पास हो गया।"
- "चाय पिओगे या कॉफ़ी?"
4. विस्मयादिबोधक
जो हर्ष, शोक, आश्चर्य, घृणा, प्रशंसा आदि भाव प्रकट करें; इनके बाद (!) लगता है।
- हर्ष: वाह! अहा! — "वाह! कितना सुंदर दृश्य है।"
- शोक: हाय! ओह! — "हाय! उसका पैर टूट गया।"
- प्रशंसा: शाबाश! — "शाबाश! तुमने कमाल कर दिया।"
- घृणा: छि:! — "छि:! कितनी गंदगी है।"
निपात (बल देने वाले शब्द)
ही, भी, तो, तक, मात्र — "मैं भी चलूँगा।" "उसने ही बताया।"
अभ्यास प्रश्न (उत्तर सहित)
Q1. 'दादाजी रोज़ सुबह टहलते हैं' — क्रियाविशेषण और उसका भेद लिखिए।
उत्तर: रोज़ सुबह — कालवाचक क्रियाविशेषण।
Q2. 'घर के सामने एक मंदिर है' — अव्यय पहचानकर भेद लिखिए।
उत्तर: के सामने — संबंधबोधक अव्यय।
Q3. 'वह बीमार था, फिर भी स्कूल आया' — समुच्चयबोधक कौन-सा है?
उत्तर: फिर भी।
Q4. 'शाबाश! तुम जीत गए' — 'शाबाश' कौन-सा अव्यय है?
उत्तर: विस्मयादिबोधक अव्यय (प्रशंसा का भाव)।
Q5. 'बच्चा नीचे बैठा है' और 'बच्चा पेड़ के नीचे बैठा है' — दोनों में 'नीचे' का भेद बताइए।
उत्तर: पहले में क्रियाविशेषण (स्थानवाचक); दूसरे में 'के नीचे' संबंधबोधक।
परीक्षा टिप
अव्यय के आगे ने, को, से नहीं लगते और लिंग-वचन बदलने पर भी वह वैसा ही रहता है — "लड़का धीरे चलता है / लड़कियाँ धीरे चलती हैं।"